Compel daily laber effected by Covid-19
भारत मे आज भी लाखों लोग है जो कि रोज काम करके,उसके बाद शाम को जो पैसे मिले उससे अपना व अपने परिवार का जीवन यापन करते है, जिन्हें हम कम शब्दो मे दिहाड़ी मजदूर कहते हैं। There are millions of people in India today who earn their own lives and their families by daily work and the money that we get in the evening, which we call them less day - to - day workers. शायद आपको पता हो कि भारतबंदी का समय चल रहा है। You may know that it is time for India. और दिल्ली से सटे हरियाणा,राजस्थान,उत्तरप्रदेश के अलग-अलग जिले में ये मजदूर काम करते और रहते है रहने के लिए वह किराये का घर इस्तेमाल करते हैं! अगर सरकारे सभी मजदूरों का किराया माफ़ करा देती तो ये मजदूर घर बाहर नही निकलते या फिर जिनके पास रहने को छत नही उसके लिए सरकारी स्कूलों में रहने की व्यवस्था कर देती तो ये मजदूर रोड पर नही निकले और सैकडो किलोमीटर तक पैदल जानो को मजबूर नही होते और भरतबन्दी 21 दिन की जगह 1 महीने का भी होता तो वही रहते कहीं नही जाते और प्रधानमंत्री जी के आदेशानुसार सामाजिक दूरी का पालन होता और हम जल्द ही इस मुसीबत से मिलकर नि...